ब्लॉकचेन तकनीक क्या है? इससे क्या लाभ है और इसकी भविष्य में क्या संभावना है? - SkillWillTech

ब्लॉकचेन तकनीक क्या है? इससे क्या लाभ है और इसकी भविष्य में क्या संभावना है?

Blockchain एक प्रकार की ऐसी Technology है जिसे Financial Transaction के record को स्टोर करने के लिए एक Program के रूप में Develop किया गया है। यह एक advanced System की तरह कार्य करता है। इसके Program को ऐसा बनाया गया है जिसे हैक करना बहुत ही मुश्किल है। क्योंकि Hacker को डाटा बेस Hack करने के लिए एक साथ कई हजारों Computers को Hack करना पड़ेगा जो कि मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इस प्रकार से कहा जा सकता है कि यह Invest करने के लिए एक सुरक्षित और सरल Technology है| Blockchain Technology अपने organize पर एक समान जानकारी को Block करता अथार्त रखता है।blockchain-technology

Blockchain Technology में Digital databases को फैलने की क्षमता है। अर्थात इसका Program एक Distributed Networkकी तरह कार्य करता है| Blockchain Database के सभी रिकॉर्ड एक Computer में Store नहीं होतें बल्कि 1000 Computers या लाखों Computers में बटे होते हैं| Blockchain Technology का हर एक Computer हर एक record के पूरी इतिहास को बता सकता है| इसका Database Encrypted है और mystery तरीके से Enter किया गया है|

Blockchain एक फाल्ट टोलेरंट (deficiency Tolerant) भी है अर्थात इस Technology में यदि एक Computer खराब भी हो जाता है तब भी इसका framework काम करता रहता है| यदि इसमें कोई भी नई चीज को record करना हो तो इसके लिए कई साझेदारों (Computers) की स्वीकृति लेनी पड़ेगी।

Blockchain का पहला उपयोग साल 2008 में किया गया था जब Bitcoin नामक एक Digital money का creation हुआ था। Blockchain का प्रयोग केवल Bitcoin के लिए ही नहीं किया जा सकता, बल्कि कहीं भी कर सकते हैं जहां एक भरोसा और गारंटी के लिए एक बिचौलिय की जरूतर पड़ती हो। वैसे कह सकते हैं कि Bitcoin Blockchain Technology का एक सर्वोत्तम उदाहरण है।

Blockchain के Security Features को देखते हुए कह सकते हैं कि digital wrongdoing और hacking इसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। भारत में आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्य में pilot venture के तौर पर Blockchain Technology की शुरुआत हो चुकी है ।

देखा जाये तो Blockchain Technology का प्रयोग शिक्षा में भी हो किया जा सकता है। छात्रों को कागजी Certificates के स्थान पर Blockchain द्वारा बनाई गई Certificates दी जा सकती है। इससे जाली Certificates की समस्यां से बचा जा सकता है।

Blockchain Technology का प्रयोग इन क्षेत्रों में भी किया जा सकता हैं –

शिक्षा विभाग

सूचान प्रौद्योगिकी और डाटा प्रबंधन

गेमिंग प्रणाली

शेयर बाजार और कमोडिटीज

सरकार और संगठनात्मक प्रशासन

सामाजिक नेटवर्क

रियल एस्टेट

डिजिटल पहचान और प्रमाणीकरण

सामुदायिक सेवा

मीडिया और बाजार

नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर

ई–वोटिंग

ब्लॉकचेन तकनीक से लाभ:-

  • ब्लॉकचेन तकनीक तीन अलग-अलग तकनीकों का समायोजन है, जिसमें इंटरनेट, पर्सनल ‘की’ (निजी कुंजी) की क्रिप्टोग्राफी अर्थात् जानकारी को गुप्त रखना और प्रोटोकॉल पर नियंत्रण रखना शामिल है।अतः यह लभगभ सुरक्षित(Unhackable) है।
  • सीधी लेन-देन प्रक्रिया से लेन-देन त्वरित,पारदर्शी एवं सहज होगा।
  • आंकड़ों के एक बार संग्रहण के बाद छेड़छाड़ असम्भव।अतः यह बाह्य दुष्प्रभावों से रहित है।
  • विस्तृत अनौपचारिक सेक्टर को औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया जा सकेगा।

ब्लॉकचेन:भविष्य की सम्भावनाएं:-ब्लॉकचेन को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिये क्रांतिकारी तकनीक माना जा रहा है।’न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉकचेन तकनीक पूरे विश्व के इको-सिस्टम को प्रभावित करने की क्षमता रखती है और विश्व के लगभग सभी बड़े केंद्रीय बैंक इसे लेकर शोध कर रहे हैं।

  • ब्लॉकचेन के माध्यम से भारत में भूमि दस्तावेज, सम्पत्ति रजिस्ट्री, ऑटो रिकार्ड तथा, वित्तीय लेन-देन के रिकार्ड को सुगठित किया जा सकता है।ऐसा संभव होने से बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकेगा।
  • भुगतान प्रसंस्करण – ब्लॉकचेन में भुगतान करने वाली किसी भी कंपनी को रुपान्तरित करने की क्षमता है। यह बिचौलियों की आवश्यकता को समाप्त कर सकता है जो आज भुगतान प्रसंस्करण में आम बात है।
  • इस तंत्र की मदद से सब्सिडी वितरण, भू-रिकार्ड के नियमन, लघु व मझोले उद्यमों को वित्तीय सहायता देने तथा न्यायालयों के मुदकमों के निपटान आदि क्षेत्रों में काम को सुगम बनाया जा सकेगा।
  • वर्तमान समय में कार्ड या किसी भी अन्य डिजिटल माध्यम से एक खाते से दूसरे में पैसे भेजना, किसी बिल का भुगतान करना, किराने या दवा की दुकान पर भुगतान करना आदि बेहद आसान हो गया है। भविष्य में ब्लॉकचेन तकनीक का प्रयोग कर इन सब को और मज़बूती देना संभव हो सकता है।
  • सरकार ने प्रीपेड पेमेंट निर्देशों में इंटेरोपेराबिलिटी यानी सूचना के आदान-प्रदान की अनुमति दी है। इसकी मदद से अब उपभोक्ता अपने मोबाईल वॉलेट से दूसरे में फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। इस प्रकार के समझौते से डिजीटल पेमेंट उद्योग का क्षेत्र बढ़ेगा और समान वातावरण पनपेगा। सारे भुगतान अधिक सुरक्षित और अधिकृत होंगे। इंटेरोपेराबिलिटी से वॉलेट की विश्वसनीयता बढ़ेगी। वॉलेट एक तरह से वर्चुअल बैंक की तरह काम करेगा, जिससे कोई भी, कहीं भी धन का आदान-प्रदान कर सकेगा। इससे हमारी प्रगतिशील अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता का विश्वास बढ़ेगा।
  • व्यक्तिगत पहचान – सरकारें जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड से लेकर विवाह प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और जनगणना के डेटा तक भारी मात्रा में व्यक्तिगत डेटा का प्रबंधन करती हैं। ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी सभी को सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने के लिए एक सुव्यवस्थित समाधान प्रदान करती है।

यद्यपि ब्लॉकचेन तकनीक में विविध क्षेत्रों को रूपांतरित एवं लाभान्वित करने की क्षमता है।लेकिन,इससे प्रयोग से कुछ चुनौतियां संलग्न हैं।जैसे-नागरिक सूचनाओं की चोरी, साइबर उत्पीड़न, फ्रॉड भुगतान, गैर-कानूनी लेन-देन,मज़बूत तकनीकी प्रतिरोधी व्यवस्था तथा विनियामकीय ढाँचे का अभाव,भुगतान की गति को लेकर संशय इत्यादि।

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